Black Hat SEO साइबर फ्रॉड क्या है: कैसे सर्च रिज़ल्ट्स से हो रही ठगी और कैसे करें खुद को सुरक्षित

आज के डिजिटल दौर में लोग किसी भी जानकारी, ऐप या सर्विस के लिए Google पर सबसे पहले सर्च करते हैं। आमतौर पर यूज़र सर्च रिज़ल्ट में सबसे ऊपर दिखने वाले लिंक को ही भरोसेमंद मान लेते हैं। लेकिन साइबर एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि हर Top Result सुरक्षित नहीं होता

साइबर अपराधी अब Black Hat SEO नाम की तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी वेबसाइट्स को सर्च इंजन में ऊपर लाकर लोगों को ठग रहे हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए गृह मंत्रालय (MHA) और I4C ने नागरिकों के लिए आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है।

Black Hat SEO साइबर फ्रॉड क्या होता है?

Black Hat SEO एक गैरकानूनी और अनैतिक तरीका है, जिसमें सर्च इंजन के एल्गोरिद्म से छेड़छाड़ कर फर्जी या खतरनाक वेबसाइट्स को ऊपर लाया जाता है। साइबर ठग लोकप्रिय और भरोसेमंद वेबसाइट्स की सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर उनमें चोरी-छिपे भ्रामक कंटेंट डाल देते हैं।

इससे फर्जी पेज Google जैसे सर्च इंजन में टॉप रैंक करने लगते हैं और यूज़र धोखे में आकर उन पर क्लिक कर देता है।

ठगी की पूरी प्रक्रिया कैसे काम करती है?

सरकारी एजेंसियों के अनुसार, इस तरह की ठगी में आमतौर पर ये चरण शामिल होते हैं:

  • मशहूर भारतीय वेबसाइट्स की तकनीकी कमजोरी का फायदा उठाया जाता है
  • वेबसाइट में छिपा हुआ हानिकारक कंटेंट जोड़ा जाता है
  • फर्जी लिंक Google Search में Top Result बन जाता है
  • यूज़र असली साइट समझकर क्लिक करता है
  • उसे सट्टा, जुआ, फर्जी ऐप, एडल्ट या पायरेटेड कंटेंट वाली साइट्स पर भेज दिया जाता है
  • कई मामलों में बैंक डिटेल, OTP या पैसे ठग लिए जाते हैं

इसी प्रक्रिया को Black Hat Search Engine Optimization कहा जाता है।

क्यों बढ़ रहा है यह साइबर खतरा?

आज लाखों लोग हर रोज़ सर्च इंजन पर निर्भर हैं और बिना URL जांचे लिंक खोल लेते हैं। इसी भरोसे का फायदा उठाकर साइबर अपराधी सर्च रैंकिंग को हथियार बना रहे हैं।

Black Hat SEO फ्रॉड से कैसे बचें?

साइबर ठगी से बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • केवल “Top Result” देखकर लिंक पर क्लिक न करें
  • वेबसाइट का URL ध्यान से जांचें
  • https, डोमेन स्पेलिंग और अनजान एक्सटेंशन पर नजर रखें
  • संदिग्ध साइट से ऐप डाउनलोड न करें
  • OTP, बैंक या पर्सनल जानकारी कभी साझा न करें
  • ऑटो-रीडायरेक्ट होने वाली वेबसाइट से तुरंत बाहर निकलें

वेबसाइट ओनर्स को भी CMS, प्लग-इन और सर्वर नियमित रूप से अपडेट रखने चाहिए।

कानूनी कार्रवाई का प्रावधान

सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति सिस्टम एक्सेस या कंटेंट इंजेक्शन IT Act 2000 की धारा 43 और 66 के तहत दंडनीय अपराध है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

ठगी होने पर कहां करें शिकायत?

अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत शिकायत दर्ज करें:

  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930
  • ऑनलाइन पोर्टल: cybercrime.gov.in

जल्दी शिकायत करने से नुकसान की भरपाई की संभावना बढ़ जाती है।

सरकार की नागरिकों से अपील

गृह मंत्रालय और I4C ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, केवल आधिकारिक और भरोसेमंद वेबसाइट्स पर भरोसा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।