Section 87A की पूरी सच्चाई: इक्विटी, कैपिटल गेन और लॉटरी इनकम पर क्यों नहीं मिलेगा ₹60,000 का फायदा
- bySagar
- 03 Feb, 2026
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने New Tax Regime के तहत मिलने वाली Section 87A की ₹60,000 की रिबेट को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। लंबे समय से टैक्सपेयर्स के बीच यह भ्रम था कि यह रिबेट हर तरह की इनकम पर लागू होगी, लेकिन अब विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसा नहीं है।
खासतौर पर इक्विटी निवेश, शेयर बाजार से होने वाले कैपिटल गेन और लॉटरी से मिलने वाली इनकम इस रिबेट के दायरे में नहीं आएंगी।
इनकम टैक्स विभाग ने क्या स्पष्ट किया
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार, Section 87A की रिबेट केवल स्लैब रेट पर टैक्स होने वाली इनकम पर ही मिलेगी। जिन इनकम पर कानून के तहत स्पेशल टैक्स रेट तय है, उन पर यह रिबेट लागू नहीं होगी।
यह नियम केवल New Tax Regime में प्रभावी है, जिसे अब डिफॉल्ट टैक्स सिस्टम बना दिया गया है।
इक्विटी से होने वाले कैपिटल गेन क्यों बाहर हैं
इक्विटी शेयर और इक्विटी म्यूचुअल फंड से होने वाला:
- लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG)
- शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG)
स्पेशल टैक्स रेट में टैक्स होता है। इसी वजह से इन इनकम पर Section 87A की रिबेट नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा, लॉटरी, सट्टा, जुआ और अन्य समान इनकम, जिन पर 30% फ्लैट टैक्स लगता है, वे भी इस रिबेट से बाहर रहेंगी।
अधिकतम कितनी रिबेट मिल सकती है
New Tax Regime के तहत, अगर किसी टैक्सपेयर की स्लैब रेट वाली टैक्सेबल इनकम ₹12 लाख तक है, तो उसे अधिकतम ₹60,000 की रिबेट मिल सकती है। स्लैब के अनुसार टैक्स निकालने के बाद यह रिबेट टैक्स को शून्य (Zero Tax) कर सकती है।
सैलरीड लोगों को क्या अतिरिक्त फायदा
नौकरीपेशा लोगों को ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलता है। इसकी वजह से सैलरीड टैक्सपेयर्स ₹12.75 लाख तक की इनकम पर भी Section 87A की रिबेट का लाभ ले सकते हैं।
हालांकि, यह फायदा भी सिर्फ सैलरी या स्लैब रेट वाली इनकम तक सीमित रहेगा। कैपिटल गेन इसमें शामिल नहीं होंगे।
जीरो टैक्स का फायदा कब मिलेगा
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने साफ कर दिया है कि जीरो टैक्स का लाभ केवल New Tax Regime में ही मिलेगा। इसके लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना अनिवार्य है। बिना रिटर्न फाइल किए रिबेट का दावा नहीं किया जा सकता।
निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब
यह स्पष्टीकरण उन निवेशकों के लिए बेहद अहम है जो शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड से कमाई करते हैं। अब उन्हें यह समझना होगा कि Section 87A की रिबेट कैपिटल गेन पर लागू नहीं होगी, जिससे टैक्स प्लानिंग में बदलाव करना जरूरी हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्सपेयर्स को अपनी इनकम की प्रकृति के आधार पर Old और New Tax Regime के बीच सही विकल्प चुनना चाहिए।





