ग्रामीण भारत को नई ताकत: बजट 2026 में शुरू हुई महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन
- bySagar
- 03 Feb, 2026
केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर विशेष जोर दिया है। बुनियादी ढांचे के लिए रिकॉर्ड निवेश के साथ-साथ पारंपरिक उद्योगों और ग्रामीण कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन की घोषणा की गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में 12.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का ऐलान किया। इसी के साथ ग्रामीण रोजगार और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।
क्या है महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन?
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन एक समग्र ग्रामीण विकास योजना है, जिसका उद्देश्य गांवों में मौजूद पारंपरिक उद्योगों और कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ना है। इस योजना के तहत कौशल विकास, तकनीकी सहायता और विपणन सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस पहल की प्रेरणा महात्मा गांधी के उस विचार से ली गई है, जिसमें गांवों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया गया था।
नेशनल फाइबर मिशन से कपड़ा उद्योग को नई दिशा
बजट 2026 में घोषित नेशनल फाइबर मिशन के तहत रेशम, ऊन, जूट और कपास जैसे प्राकृतिक रेशों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही मैन-मेड और आधुनिक फाइबर तकनीक को भी इसमें शामिल किया गया है।
इस मिशन का उद्देश्य पारंपरिक कपड़ा उद्योग को आधुनिक तकनीक से जोड़कर भारत को वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में मजबूत बनाना है।
हथकरघा और हस्तशिल्प को मिलेगा नया मंच
ग्रामीण रोजगार का अहम हिस्सा रहे हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों को इस बजट में नई ऊर्जा मिली है। समर्थ 2.0 योजना के तहत डिजाइन संस्थानों, तकनीकी कॉलेजों और बड़े उद्योगों के साथ साझेदारी की जाएगी।
इसके अलावा देशभर में मेगा टेक्सटाइल हब स्थापित करने की योजना है, जिससे उत्पादन क्षमता और रोजगार दोनों में वृद्धि होगी।
वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट का विस्तार
ग्राम स्वराज मिशन के अंतर्गत एक जिला, एक उत्पाद योजना को और व्यापक बनाया जाएगा। हर जिले की विशेष पहचान वाले उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रमोट किया जाएगा।
कारीगरों को प्रशिक्षण, डिजाइन, पैकेजिंग और मार्केटिंग के हर चरण में सहायता दी जाएगी, जिससे उनके उत्पाद प्रतिस्पर्धी बन सकें।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होंगे बड़े फायदे
इस मिशन से ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने से शहरों की ओर पलायन में भी कमी आने की उम्मीद है।
साथ ही, स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों में गर्व की भावना विकसित होगी और पारंपरिक कलाएं संरक्षित रहेंगी।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना से जुड़ी पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभों की पूरी जानकारी जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामीण कारीगर, बुनकर, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्थाएं इसके मुख्य लाभार्थी होंगी।
आत्मनिर्भर गांवों की ओर एक मजबूत कदम
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। परंपरा और तकनीक के संतुलन के साथ यह योजना गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाने का काम करेगी।






