निपाह वायरस अलर्ट: क्यों डॉक्टर इसे बेहद खतरनाक मानते हैं और कैसे करें खुद का बचाव
- bySagar
- 03 Feb, 2026
दुनिया अभी कोरोना महामारी के असर से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि एक और खतरनाक संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है—निपाह वायरस। भारत के कुछ राज्यों में इसके छिटपुट मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। साथ ही, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
हालांकि अभी यह संक्रमण सीमित इलाकों तक ही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लापरवाही भारी पड़ सकती है। सही जानकारी और समय पर सावधानी ही इसका सबसे बड़ा इलाज है।
निपाह वायरस क्या है और यह इतना जानलेवा क्यों माना जाता है?
निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। इसके प्राकृतिक वाहक फल खाने वाले चमगादड़ होते हैं। कई मामलों में सूअर जैसे पालतू जानवर भी संक्रमण फैलाने का माध्यम बन सकते हैं।
इस वायरस की सबसे डरावनी बात इसकी ऊंची मृत्यु दर है, जो 40% से 75% तक बताई जाती है। निपाह वायरस शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भ्रमित कर देता है, जिससे शरीर समय पर इसके खिलाफ मजबूत प्रतिक्रिया नहीं दे पाता।
यह वायरस मस्तिष्क और फेफड़ों को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे मरीज की हालत तेजी से गंभीर हो जाती है।
निपाह वायरस कैसे फैलता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, निपाह वायरस के फैलने के मुख्य कारण हैं:
- संक्रमित चमगादड़ों के सीधे संपर्क में आना
- चमगादड़ों द्वारा कुतरे गए फल खाना
- खजूर का कच्चा रस या ताड़ी पीना
- संक्रमित सूअरों या जानवरों के संपर्क में रहना
- मरीज की देखभाल के दौरान व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण फैलना
इसी वजह से अस्पतालों में विशेष सावधानियां बरती जाती हैं।
निपाह वायरस के लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
शुरुआती लक्षण आम फ्लू जैसे लग सकते हैं, लेकिन यही सबसे बड़ा खतरा है। प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:
- तेज बुखार और लगातार सिरदर्द
- शरीर और मांसपेशियों में दर्द
- अत्यधिक थकान और कमजोरी
- खांसी या सांस लेने में परेशानी
- मतली, उल्टी या पेट से जुड़ी समस्या
- गंभीर मामलों में मस्तिष्क में सूजन, भ्रम, चक्कर या बेहोशी
समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है।
भारत में मौजूदा स्थिति और WHO की राय
केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में निपाह के कुछ मामले सामने आए हैं। फिलहाल कोई बड़ा प्रकोप नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
WHO ने निपाह को गंभीर वायरस की श्रेणी में रखते हुए इसे प्राथमिक निगरानी वाली बीमारी बताया है।
क्या निपाह वायरस की कोई वैक्सीन है?
फिलहाल निपाह वायरस के लिए कोई वैक्सीन या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। इलाज केवल लक्षणों के आधार पर किया जाता है, इसलिए बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
- जमीन पर गिरे या कुतरे हुए फल न खाएं
- फलों को अच्छी तरह धोकर और छीलकर खाएं
- कच्चा खजूर रस या ताड़ी पीने से बचें
- हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं
- बीमार जानवरों से दूरी बनाए रखें
- लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
निपाह वायरस दुर्लभ जरूर है, लेकिन बेहद खतरनाक भी है। सतर्कता, स्वच्छता और समय पर इलाज ही इससे बचाव का सबसे मजबूत तरीका है। डरने की नहीं, समझदारी से कदम उठाने की जरूरत है।



