Personal Loan Scam Alert: फर्जी लोन ऐप्स से बढ़ रही ठगी, जानिए कैसे रहें पूरी तरह सुरक्षित

नई दिल्ली: डिजिटल दौर में पर्सनल लोन लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कुछ ही मिनटों में लोन मिल जाता है। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर ठग गिरोह लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। देशभर में पर्सनल लोन से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

ठग “तुरंत लोन”, “बिना दस्तावेज”, और “क्रेडिट स्कोर की जरूरत नहीं” जैसे आकर्षक दावों के जरिए लोगों को फंसाते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इन ऐप्स पर भरोसा करता है, उससे आधार, पैन, बैंक डिटेल्स और कॉन्टैक्ट लिस्ट तक मांग ली जाती है। इसके बाद या तो बेहद कम रकम दी जाती है या फिर निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जाता है।

पर्सनल लोन स्कैम कैसे होता है?

  • सोशल मीडिया, मैसेज और ईमेल के जरिए फर्जी लोन ऑफर भेजे जाते हैं।
  • यूज़र को अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।
  • ऐप इंस्टॉल होते ही आधार, पैन और अन्य संवेदनशील जानकारियां मांगी जाती हैं।
  • बहुत ज्यादा ब्याज दर (40–60%) पर छोटी रकम दी जाती है या लोन ही नहीं मिलता।
  • भुगतान न करने पर धमकी, कॉल और मानसिक उत्पीड़न शुरू हो जाता है।

कई मामलों में पीड़ितों की निजी तस्वीरें और कॉन्टैक्ट्स का इस्तेमाल कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई है, जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ जाता है।

RBI और सरकार की सख्त चेतावनी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साफ कहा है कि लोग केवल RBI से पंजीकृत बैंकों और NBFC से ही लोन लें। फर्जी लोन ऐप्स से दूर रहने की सलाह दी गई है।

सरकार ने अब तक कई अवैध डिजिटल लोन ऐप्स पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बैन किया है और आगे भी सख्ती जारी है।

ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां

  • केवल RBI मान्यता प्राप्त बैंक या NBFC से ही लोन लें।
  • ऐप डाउनलोड करने से पहले रेटिंग और रिव्यू जरूर जांचें।
  • ब्याज दर, EMI और प्रोसेसिंग फीस को ध्यान से पढ़ें।
  • आधार, पैन, OTP और बैंक डिटेल्स किसी अनजान ऐप को न दें।
  • ऐसे ऐप्स से बचें जो कॉन्टैक्ट्स या फोटो की अनुमति मांगते हैं।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

पर्सनल लोन जितना सुविधाजनक है, उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है यदि सतर्कता न बरती जाए। आसान पैसे के लालच में आकर जल्दबाज़ी करना भारी पड़ सकता है।

थोड़ी सी सावधानी, सही जानकारी और भरोसेमंद संस्थान का चुनाव आपको बड़े आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी से बचा सकता है।