AI से भूलकर भी ये सवाल न पूछें, वरना पड़ सकते हैं गंभीर मुश्किल में

आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। स्टूडेंट्स पढ़ाई के लिए, नौकरीपेशा लोग काम को आसान बनाने के लिए और बिजनेसमैन फैसले लेने में ChatGPT, Google Gemini, Grok और Perplexity जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

AI की मदद से काम तेज और आसान जरूर हुआ है, लेकिन हर सवाल AI से पूछना सुरक्षित नहीं होता। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि AI पर जरूरत से ज्यादा भरोसा आपकी प्राइवेसी, सेफ्टी और कानूनी स्थिति को खतरे में डाल सकता है।

आइए जानते हैं वे 6 चीजें, जिनके बारे में AI चैटबॉट्स से कभी सवाल नहीं करना चाहिए।

1. डॉक्टर की जगह AI का इस्तेमाल न करें

AI मेडिकल टर्म्स समझा सकता है, लेकिन बीमारी की सही पहचान या इलाज नहीं कर सकता। आपकी उम्र, मेडिकल हिस्ट्री और एलर्जी को समझे बिना दी गई सलाह नुकसानदायक हो सकती है।

अगर आप AI से दवा पूछते हैं, तो वह सामान्य जानकारी देगा, जो आपके लिए गलत भी हो सकती है। इसलिए स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में हमेशा डॉक्टर से ही सलाह लें

2. बैंक डिटेल्स और पासवर्ड कभी शेयर न करें

AI चैटबॉट में गलती से भी:

  • बैंक अकाउंट नंबर
  • ATM PIN
  • OTP
  • आधार या पैन नंबर
  • पासवर्ड

न लिखें। डिजिटल सिस्टम में डेटा लीक या हैकिंग का खतरा हमेशा बना रहता है। इससे फाइनेंशियल फ्रॉड और पहचान की चोरी हो सकती है।

3. गैर-कानूनी सवाल पूछना भारी पड़ सकता है

“हैक कैसे करें?”, “टैक्स कैसे बचाएं?” जैसे सवाल न सिर्फ गलत हैं, बल्कि आपको कानूनी मुसीबत में भी डाल सकते हैं

भले ही AI ऐसे सवालों का जवाब न दे, लेकिन इस तरह की गतिविधियों पर ऑनलाइन निगरानी हो सकती है।

4. AI की हर बात सच नहीं होती

AI इंटरनेट पर मौजूद डेटा के आधार पर जवाब देता है, जो कई बार पुराना या गलत हो सकता है।

कानून, निवेश, सरकारी योजनाओं या जरूरी खबरों के लिए सिर्फ AI पर निर्भर रहना नुकसानदायक हो सकता है। ऑफिशियल सोर्स से जानकारी की पुष्टि जरूरी है।

5. बड़े फैसले इंसानों से पूछें

नौकरी छोड़ना, बिजनेस शुरू करना या बड़ा निवेश करना—ये फैसले आपकी पूरी जिंदगी बदल सकते हैं। AI आपकी पारिवारिक और आर्थिक स्थिति नहीं समझ सकता।

AI सिर्फ सुझाव दे सकता है, फैसला आपको अनुभवी लोगों से सलाह लेकर ही करना चाहिए।

6. इमोशनल सपोर्ट के लिए AI पर निर्भर न रहें

AI सहानुभूति भरे शब्द बोल सकता है, लेकिन उसमें असल भावनाएं नहीं होतीं। मानसिक तनाव या डिप्रेशन की स्थिति में दोस्तों, परिवार या मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से बात करना जरूरी है।

AI एक बेहतरीन टूल है, लेकिन इंसानों का विकल्प नहीं। इसका इस्तेमाल समझदारी से करें, क्योंकि जरूरत से ज्यादा निर्भरता आपकी सोचने और निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर सकती है।