क्या आपकी होली की गुलाल सच में ऑर्गेनिक है? सुरक्षित और प्राकृतिक रंग पहचानने के आसान तरीके

होली खुशियों, रंगों और आपसी भाईचारे का त्योहार है। लेकिन हाल के वर्षों में होली के रंगों से जुड़ी त्वचा और स्वास्थ्य समस्याओं ने लोगों को सतर्क बना दिया है। यही वजह है कि अब ज़्यादातर लोग “हर्बल” या “ऑर्गेनिक” गुलाल की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, बाजार में बिकने वाले सभी तथाकथित प्राकृतिक रंग वास्तव में सुरक्षित हों, ऐसा ज़रूरी नहीं है।

होली 2026 से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आप जो गुलाल खरीद रहे हैं, वह सच में केमिकल-फ्री है या सिर्फ नाम के लिए ऑर्गेनिक।

रंग को छूकर परखें

असली हर्बल गुलाल आमतौर पर हल्की और मुलायम होती है। अगर रंग बहुत ज्यादा चिकना या पाउडर जैसा फिसलन भरा लगे, तो उसमें केमिकल या सिंथेटिक तत्व हो सकते हैं।

प्राकृतिक रंग हल्के खुरदरे हो सकते हैं, लेकिन वे त्वचा पर सांस लेने जैसा एहसास देते हैं।

पैकेट की जानकारी जरूर पढ़ें

ऑर्गेनिक गुलाल की पहचान उसके लेबल से भी की जा सकती है। उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री, निर्माता का नाम, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट साफ तौर पर लिखी होनी चाहिए।

अगर पैकेट पर सिर्फ “हर्बल” लिखा हो और सामग्री का कोई स्पष्ट विवरण न दिया गया हो, तो सतर्क हो जाएं।

रंग की चमक पर ध्यान दें

प्राकृतिक रंग आमतौर पर हल्के और सॉफ्ट शेड्स में होते हैं। बहुत तेज, चटक या चमकदार रंग अक्सर आर्टिफिशियल डाई से बनाए जाते हैं, चाहे वे ऑर्गेनिक होने का दावा करें।

खुशबू और वजन से पहचानें

असली हर्बल गुलाल में हल्की मिट्टी या फूलों जैसी खुशबू होती है। तेज केमिकल या पेट्रोल जैसी गंध सिंथेटिक रंगों का संकेत हो सकती है।

इसके अलावा, प्राकृतिक रंग हल्के होते हैं जबकि नकली रंग भारी महसूस हो सकते हैं।

पानी में मिलाकर टेस्ट करें

थोड़ी सी गुलाल पानी में डालें। अगर रंग तुरंत घुलकर पानी को गाढ़ा कर दे, तो उसमें केमिकल हो सकते हैं। प्राकृतिक रंग धीरे-धीरे घुलते हैं।

त्वचा पर पैच टेस्ट करें

थोड़ा सा रंग हाथ पर लगाकर देखें। अगर जलन, खुजली या लालपन हो, तो उस रंग का इस्तेमाल न करें।

भरोसेमंद ब्रांड चुनें

हमेशा ऐसे ब्रांड या विक्रेता से खरीदारी करें जो प्राकृतिक रंगों में विशेषज्ञ हों। प्रमाणित उत्पाद थोड़े महंगे हो सकते हैं, लेकिन वे आपकी सेहत के लिए सुरक्षित होते हैं।

सुरक्षित होली, खुशहाल होली

सही ऑर्गेनिक गुलाल न सिर्फ आपकी त्वचा और बालों की रक्षा करती है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाती। जागरूक होकर खरीदी गई गुलाल से होली का आनंद दोगुना हो जाता है।

इस होली रंग जरूर खेलें, लेकिन समझदारी के साथ।