भारत में लॉन्च हुआ Android Emergency Location Service (ELS): जानें 5 अहम बातें

सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए Google ने भारत में Android Emergency Location Service (ELS) लॉन्च किया है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने इस सुविधा को पूरी तरह से अपने 112 आपातकालीन नेटवर्क में शामिल किया है। अब लाखों Android यूजर्स आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रह सकते हैं।


1. सटीक लोकेशन ट्रैकिंग

पारंपरिक आपातकालीन सिस्टम अक्सर सेल टॉवर ट्रायंगलेशन पर निर्भर करते हैं, जिसमें कई किलोमीटर तक की त्रुटि हो सकती है। ELS में Fused Location Provider तकनीक का उपयोग किया गया है, जो GPS, Wi-Fi और सेलुलर डेटा को मिलाकर यूजर की लोकेशन 50 मीटर तक की सटीकता के साथ पहचानती है। यह सुविधा भीड़-भाड़ वाले शहरों या घरों के अंदर, जहां GPS कमजोर होता है, वहां भी काम करती है।


2. कॉल डिस्कनेक्ट होने पर भी काम करता है

ELS की सबसे बड़ी खासियत इसकी विश्वसनीयता है। उत्तर प्रदेश में पायलट टेस्ट के दौरान, सिस्टम ने कॉल टूट जाने के बाद भी कॉलर की लोकेशन सही ढंग से पहचान ली। इसका मतलब है कि मदद तुरंत भेजी जा सकती है, चाहे कॉल एक्टिव न भी हो।


3. प्राइवेसी पर फोकस: केवल आपातकालीन उपयोग

Google ने ELS को प्राइवेसी-बाय-डिज़ाइन के सिद्धांत पर बनाया है:

  • डिफ़ॉल्ट रूप से निष्क्रिय: सामान्य परिस्थितियों में लोकेशन ट्रैक नहीं होती।
  • सीधा ट्रांसमिशन: जब आप 112 कॉल करते हैं, आपकी लोकेशन सिर्फ़ आपातकालीन सेवाओं को भेजी जाती है।
  • Google नहीं देखता: आपका डेटा Google द्वारा स्टोर या देखा नहीं जाता; यह केवल फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स के साथ साझा किया जाता है।

4. किसी ऐप या अतिरिक्त हार्डवेयर की जरूरत नहीं

ELS सीधे Android OS में बिल्ट-इन है। इसके लिए किसी ऐप को डाउनलोड करने, नया फोन खरीदने या डेटा प्लान रखने की आवश्यकता नहीं है। यह फीचर Android 6.0 और ऊपर के डिवाइस पर अपने आप काम करता है और Data SMS या इंटरनेट कनेक्टिविटी के माध्यम से लोकेशन भेजता है।


5. भारत में उत्तर प्रदेश सबसे आगे

हालांकि ELS दुनिया के 60 से अधिक देशों में उपलब्ध है, उत्तर प्रदेश पहला भारतीय राज्य है जिसने इसे 112 नेटवर्क में पूरी तरह लागू किया। UP Police और Pert Telecom Solutions (PertSol) के सहयोग से अब लाखों कॉलर्स की लोकेशन तुरंत पता की जा सकती है। आने वाले महीनों में इसे अन्य राज्यों तक भी विस्तार दिया जाएगा।


ELS क्यों जरूरी है

आपातकालीन परिस्थितियों में समय की बहुत कमी होती है। ELS की मदद से मददगार तुरंत पहुँच सकते हैं, भले ही कॉलर बोल न सके या कनेक्टिविटी कमजोर हो। विशेषज्ञ इसे भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा कदम मानते हैं।

सटीक, तेज़ और प्राइवेसी-फ्रेंडली लोकेशन सर्विस के साथ Google का ELS Android यूजर्स के लिए स्मार्ट और सुरक्षित आपातकालीन नेटवर्क बनाता है।