ALERT! 2026 में ये 5 साइबर स्कैम आपका पूरा पैसा उड़ा सकते हैं, समय रहते जानिए बचाव के तरीके
- bySagar
- 03 Jan, 2026
डिजिटल इंडिया के दौर में ऑनलाइन सुविधाएं जितनी तेज़ी से बढ़ी हैं, उतनी ही तेजी से साइबर अपराध भी बढ़े हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में भारत को साइबर फ्रॉड से 22,845 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ, जो 2022 के मुकाबले लगभग 9 गुना अधिक है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में साइबर ठग और भी एडवांस टेक्नोलॉजी, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीपफेक और फर्जी ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अगर समय रहते सतर्क नहीं हुए, तो ये स्कैम आपका बैंक बैलेंस मिनटों में खाली कर सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं 2026 के 5 सबसे खतरनाक साइबर स्कैम और उनसे बचने के आसान लेकिन असरदार तरीके।
1. डिजिटल अरेस्ट और AI वॉयस कॉल स्कैम
इस स्कैम में सबसे पहले आपको एक कॉल आता है। कॉल करने वाला खुद को पुलिस, CBI, TRAI या कस्टम विभाग का अधिकारी बताता है। वह दावा करता है कि आपके नाम से ड्रग्स, मनी लॉन्ड्रिंग या किसी बड़े अपराध से जुड़ा मामला दर्ज है। कुछ ही देर में WhatsApp पर फर्जी FIR, कोर्ट ऑर्डर और सरकारी ID भेज दी जाती है।
इसके बाद कहा जाता है कि आप “डिजिटल अरेस्ट” में हैं और आपको वीडियो कॉल पर रहना होगा। कॉल काटने या किसी को बताने पर तुरंत गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है। डर के कारण लोग “जांच” के नाम पर लाखों रुपये ट्रांसफर कर देते हैं।
हकीकत यह है कि भारत में कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती और न ही पैसे मांगती है। अब ठग AI की मदद से बॉस, पत्नी या बच्चों की आवाज में भी कॉल करने लगे हैं।
बचाव का तरीका:
परिवार और ऑफिस में एक सीक्रेट कोड वर्ड तय करें और किसी भी इमरजेंसी कॉल को दूसरे माध्यम से जरूर वेरिफाई करें।
2. फेक QR कोड और UPI स्कैम
UPI ने पेमेंट को आसान बनाया, लेकिन ठगों ने इसे ठगी का हथियार बना लिया है। कभी कहा जाता है कि गलती से आपके खाते में पैसे आ गए हैं, उन्हें वापस करने के लिए QR कोड स्कैन करें। कभी ऑनलाइन सामान बेचते समय कहा जाता है कि पैसे पाने के लिए QR स्कैन करना होगा।
सच्चाई यह है कि QR स्कैन करने से पैसा कटता है, आता नहीं। कई दुकानों और पेट्रोल पंप पर असली QR के ऊपर नकली QR चिपका दिए जाते हैं और ग्राहक का पैसा सीधे ठग के खाते में चला जाता है।
बचाव का तरीका:
पैसे रिसीव करने के लिए कभी भी QR स्कैन या UPI पिन डालने की जरूरत नहीं होती।
3. फर्जी ट्रेडिंग ऐप और निवेश स्कैम
सोशल मीडिया पर “गारंटीड रिटर्न” और “सीक्रेट ट्रेडिंग टिप्स” के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लोगों को WhatsApp या Telegram ग्रुप में जोड़कर प्रोफेशनल दिखने वाली फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराई जाती है।
शुरुआत में थोड़ा मुनाफा दिखाया जाता है और कभी-कभी पैसे वापस भी मिल जाते हैं। भरोसा बनने पर बड़ी रकम लगवाई जाती है। बाद में टैक्स या फीस के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं। अंत में ऐप बंद, ग्रुप गायब और पैसा भी गायब।
सच्चाई:
शेयर बाजार में रोज़ 5–10% कमाई का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
बचाव का तरीका:
सिर्फ SEBI-रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म से ही निवेश करें और गारंटीड रिटर्न से दूर रहें।
4. इंस्टेंट लोन ऐप स्कैम
कुछ ऐप बिना कागज और बिना सवाल तुरंत लोन देने का दावा करते हैं। ये ऐप मोबाइल के कॉन्टैक्ट, फोटो, मैसेज और स्टोरेज तक की परमिशन मांगते हैं। लोन छोटा होता है, लेकिन ब्याज 30–40% प्रति सप्ताह तक हो सकता है।
समय पर भुगतान न होने पर धमकी, गालियां और फोटो एडिट कर बदनाम करने तक की हरकतें की जाती हैं।
बचाव का तरीका:
हमेशा RBI से रजिस्टर्ड बैंक या NBFC के ऐप से ही लोन लें और ऐप परमिशन ध्यान से चेक करें।
5. फिशिंग, SIM स्वैप और रोमांस स्कैम
फिशिंग मैसेज आज बिल्कुल असली बैंक या सरकारी मैसेज जैसे दिखते हैं। लिंक भी असली वेबसाइट जैसा लगता है, बस एक-दो अक्षर बदले होते हैं।
SIM स्वैप स्कैम में आपका मोबाइल नंबर किसी और SIM में ट्रांसफर हो जाता है और सारे OTP ठग को मिलने लगते हैं।
वहीं रोमांस स्कैम में दोस्ती या प्यार के नाम पर धीरे-धीरे भरोसा बनाया जाता है और फिर इमरजेंसी या निवेश के बहाने पैसा निकलवाया जाता है।
बचाव का तरीका:
अनजान लिंक पर क्लिक न करें, SIM लॉक एक्टिव रखें और ऑनलाइन रिश्तों में पैसों का लेन-देन न करें।
2026 में साइबर स्कैम और ज्यादा स्मार्ट, तेज़ और खतरनाक होने वाले हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। किसी भी डिजिटल कॉल, मैसेज या पेमेंट से पहले रुकें, सोचें और जांचें। आपकी थोड़ी-सी सतर्कता आपको भारी आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।






