तब्बू का डिजिटल अरेस्ट! क्या आप भी हो सकते हैं इस धोखाधड़ी के शिकार?

आज के डिजिटल युग में साइबर धोखाधड़ी एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसी संदर्भ में एक्ट्रेस तब्बू का नाम भी जुड़ा है, जिनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में तब्बू डिजिटल अरेस्ट का शिकार होती नजर आ रही हैं। लेकिन क्या यह हकीकत है या एक जागरूकता अभियान? चलिए जानते हैं पूरी सच्चाई।

क्या है डिजिटल अरेस्ट का मामला? डिजिटल अरेस्ट का मतलब है किसी भी व्यक्ति को फर्जी कॉल या वीडियो कॉल के जरिए डरा-धमकाकर पैसे ऐंठना। अक्सर यह कॉल्स खुद को पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंट बताने वाले धोखेबाजों द्वारा की जाती हैं। वे आपको डराने के लिए फर्जी गिरफ्तारी वारंट, ड्रग्स और अवैध दस्तावेजों का जिक्र करते हैं और आपके अकाउंट से पैसे ट्रांसफर करने की मांग करते हैं।

तब्बू का वायरल वीडियो: असलियत क्या है? हाल ही में ICICI बैंक ने एक जागरूकता वीडियो जारी किया, जिसमें तब्बू ने डिजिटल अरेस्ट के धोखाधड़ी के तरीकों को दिखाया है। वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे फर्जी अधिकारी किसी व्यक्ति को झूठे आरोपों में फंसा कर डराते हैं और फिर बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं। हालांकि, यह वीडियो केवल जागरूकता फैलाने के लिए बनाया गया है और तब्बू के साथ असल में ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

कैसे होती है यह धोखाधड़ी? यह साइबर क्रिमिनल्स पहले फोन कॉल के जरिए संपर्क करते हैं और खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताते हैं। इसके बाद वीडियो कॉल से जुड़कर फर्जी पहचान पत्र या वर्दी दिखाते हैं। फिर आपके खिलाफ मामले दर्ज होने का डर दिखाते हुए बैंक अकाउंट से पैसे ट्रांसफर करने का दबाव डालते हैं।

इस धोखाधड़ी से बचने के तरीके:

  1. असली पुलिस या सरकारी अधिकारी वीडियो कॉल पर जानकारी नहीं मांगते।
  2. किसी भी कॉल पर घबराएं नहीं और तुरंत उसकी पुष्टि करें।
  3. बैंकिंग से जुड़ी कोई भी जानकारी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
  4. किसी भी संदिग्ध कॉल को साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

निष्कर्ष: तब्बू का यह वीडियो जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बनाया गया है। यदि आपको भी ऐसी कोई संदिग्ध कॉल आती है, तो सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।