Scam Alert! साइबर अपराधियों के नए तरीके: कैसे बचें डिजिटल धोखाधड़ी से? जानें पूरी जानकारी
- bySagar
- 17 Mar, 2025
आजकल साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ताजा उदाहरण के रूप में, केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां कई लोगों को धमकी भरे संदेश भेजे गए। इन संदेशों में बताया गया कि उनकी गैरकानूनी गतिविधियां पाई गई हैं, और उनके फोन नंबर को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है। इसके बाद, ठगों ने फोन करके उगाही करने के लिए बड़ी रकम की मांग की। यह नया तरीका एक साइबर अपराध है, जो लोगों को धोखा देने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI), सीबीआई और पुलिस अधिकारियों के रूप में ठग कर सामने आता है।
साइबर ठगों का तरीका:
इन ठगों का तरीका पहले से कहीं ज्यादा चालाक और खतरनाक हो गया है। वे खुद को सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बताकर पीड़ितों से व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी मांगते हैं। पीड़ितों को बताया जाता है कि उनका सिम कार्ड रद्द कर दिया गया है, और यदि वे इसे फिर से सक्रिय करना चाहते हैं तो उन्हें अपने बैंक खाता विवरण देना होगा। इस प्रकार की धोखाधड़ी में यदि पीड़ित सतर्क नहीं रहते, तो वे अपनी पूरी रकम खो सकते हैं।
ठगी का शिकार कौन हुआ?
यह नई ठगी लोगों को भारी नुकसान में डाल रही है। कुछ मामले इस प्रकार हैं:
- हैदराबाद में एक व्यक्ति ने इस धोखाधड़ी में 11 लाख रुपये खो दिए।
- मुंबई के एक आईआईटी छात्र ने भी इस धोखाधड़ी में 7 लाख रुपये गंवा दिए।
- कोच्चि में एक व्यक्ति ने 5 लाख रुपये खो दिए, जब ठगों ने उसे TRAI अधिकारी बनकर अपने जाल में फंसाया।
कैसे बचें इस ठगी से:
- साइबर ठगों से बचने के उपाय:
- कभी भी व्यक्तिगत जानकारी न दें: TRAI, CBI और पुलिस कभी भी फोन पर आपकी वित्तीय जानकारी नहीं मांगतीं।
- संदेहास्पद कॉल्स और मैसेज्स को न करें नजरअंदाज: किसी भी कॉल पर अकाउंट नंबर, पासवर्ड या एटीएम पिन न दें।
- यदि आप ठगी का शिकार हो गए हैं तो क्या करें:
- त्वरित रिपोर्ट करें: यदि आप ठगी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम विभाग को सूचित करें।
- हेल्पलाइन नंबर: साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए आप 1930 पर कॉल कर सकते हैं।
- ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें: आप अपनी शिकायत www.cybercrime.gov.in पर 24 घंटे दर्ज कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री का बयान:
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने विधानसभा में यह कहा कि राज्य सरकार साइबर वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक 'फिन इको-सिस्टम' तैयार कर रही है। इस पहल के अंतर्गत केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक के सहयोग से ठगों के बैंक खातों और धोखाधड़ी में इस्तेमाल हो रहे मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कर दिया गया है।
निष्कर्ष:
साइबर अपराधी हर दिन नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए हमें हमेशा सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि आपको कोई संदिग्ध कॉल आए, तो उसे नजरअंदाज करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। ठगों के जाल में फंसने से बचने के लिए हमेशा सरकारी एजेंसियों की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें और किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करें।




