Phone Track System- क्या आपको पता हैं पुलिस कैसे ट्रेक करती हैं आपका फोन, जानिए इसके बारे में

दोस्तो आज के आधुनिक युग में स्मार्टफोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन गए हैं, जिनमें कई फीचर्स आते है, स्मार्टफोन बहुत महंगे आते है, जिनकी चोरी हो जाती है, लेकिन क्या आपको पता हैं, जो परेशानी का सबब हैं, फोन खोने पर माइंडली और फाइनेंसशियली दोनो नुकसान देता हैं, लेकिन क्या आपको पता हैं स्मार्टफोन में आइडेंटिफायर और कम्युनिकेशन सिग्नल होते हैं, जिनसे लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां ​​खो जाने या चोरी हो जाने पर उसे ट्रैक कर सकती हैं। आइए जानते हैं आप अपना फोन कैसे ट्रैक कर सकते हैं- 

1. IMEI नंबर से ट्रैकिंग

हर फोन का एक यूनिक IMEI (इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी) नंबर होता है। पुलिस इस IMEI का इस्तेमाल करके डिवाइस को ट्रैक या ब्लॉक कर सकती है, भले ही SIM कार्ड बदल दिया गया हो।

2. मोबाइल टावर के ज़रिए SIM कार्ड की लोकेशन मॉनिटर करना

जब किसी डिवाइस में SIM कार्ड डाला जाता है, तो मोबाइल टावर उसकी लोकेशन का पता लगाते हैं और रिकॉर्ड करते हैं। पुलिस इन टावर सिग्नल का इस्तेमाल फोन की अनुमानित जगह का पता लगाने के लिए करती है।

3. बिल्ट-इन GPS सिग्नल का इस्तेमाल करना

अगर GPS चालू है, तो पुलिस सैटेलाइट-बेस्ड ट्रैकिंग का इस्तेमाल करके फोन की सही लोकेशन का पता लगा सकती है।

4. सेल टावर कनेक्शन के ज़रिए ट्रैकिंग

स्मार्टफोन लगातार पास के मोबाइल टावर से कनेक्ट होते रहते हैं। इन टावर लॉग को एनालाइज़ करके, पुलिस डिवाइस के मूवमेंट को ट्रेस कर सकती है और उसकी अभी की लोकेशन का अंदाज़ा लगा सकती है।

5. Google अकाउंट और लोकेशन हिस्ट्री

अगर फ़ोन में एक्टिव Google अकाउंट है और लोकेशन हिस्ट्री ऑन है, तो पुलिस Google द्वारा सेव किए गए पिछले मूवमेंट डेटा को एक्सेस कर सकती है।