Instagram and Facebook Update- इंस्टाग्राम और फैसबुक को लेकर सरकार हुई सख्त, AI पोस्ट पर लेबल जरूरी

दोस्तो जैसा कि हम सब जानते हैं कि आज के आधुनिक युग में सोशल मीडिया हमारे जीवन का हिस्सा बन गए है और इस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेज़ी से बढत बना ली हैं, डीपफेक और गुमराह करने वाले कंटेंट को लेकर चिंताएँ काफ़ी बढ़ गई हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नए नियम लागू किए हैं, जिनका मकसद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को ज़्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

AI कंटेंट की अनिवार्य लेबलिंग

नए दिशानिर्देशों के तहत, AI से बने सभी कंटेंट—जिनमें फ़ोटो, वीडियो और ऑडियो शामिल हैं—पर साफ़ तौर पर लेबल लगा होना ज़रूरी है। अब प्लेटफॉर्म को यह पक्का करना होगा कि यूज़र आसानी से पहचान सकें कि कोई कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाया गया है या नहीं। इस कदम का मकसद ऑनलाइन फ़र्ज़ी और गुमराह करने वाली जानकारी के फैलाव को कम करना है।

कंटेंट हटाने के लिए सख़्त समय-सीमा

सरकार ने गैर-कानूनी या नुकसान पहुँचाने वाले कंटेंट को हटाने के लिए सख़्त समय-सीमा भी तय की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को किसी अदालत या अधिकृत सरकारी एजेंसी से निर्देश मिलने के तीन घंटे के अंदर कार्रवाई करनी होगी। यह नियम खास तौर पर डीपफेक, गलत जानकारी और दूसरी आपत्तिजनक सामग्री के तेज़ी से फैलने पर रोक लगाने के लिए किया गया हैं।

नुकसान पहुँचाने वाले और गुमराह करने वाले कंटेंट के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई

MeitY ने प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया है कि वे AI के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उन्नत तकनीकी सुरक्षा उपाय लागू करें। जो कंटेंट अश्लील या गुमराह करने वाला है, या जिसमें किसी की पहचान का इस्तेमाल बिना सहमति के किया गया है, उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।