Cyber Fraud Alert: बिना OTP के अब हैक हो सकता है आपका फोन: अपनाएं ये सुरक्षा उपाय, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान
- bySagar
- 28 Feb, 2025
ऑनलाइन ठगी के नए तरीके अब साइबर अपराधियों को बिना OTP और PIN के भी आपके बैंक खाते से पैसे उड़ा लेने में सक्षम बना रहे हैं। यह नया तरीका सभी को हैरान कर रहा है, और अगर आप सतर्क नहीं रहते, तो आप भी इस धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। जानिए कैसे एक मामूली सी लापरवाही आपके लिए महंगी साबित हो सकती है।

साइबर फ्रॉड से कैसे बचें
हाल ही में नई दिल्ली की एक 26 वर्षीय युवती ने खुद को एक बड़े धोखे का शिकार होने से बचाया। वह ‘क्रोमा’ से HP का लैपटॉप खरीद चुकी थी, और कुछ दिन बाद उसे एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। मैसेज में दावा किया गया था कि उसने एक गिफ्ट वाउचर जीता है, और इसे क्लेम करने के लिए उसे अपना बैंक डिटेल्स साझा करने होंगे।
युवती ने मैसेज पर संदेह किया, क्योंकि उसमें ‘क्रोमा’ और ‘विजय सेल्स’ दोनों का नाम था, और यह लिखा गया था कि उसने विजय सेल्स के माध्यम से खरीदारी की है। अपने संदेह के चलते उसने लिंक पर क्लिक नहीं किया, जिससे वह ठगी का शिकार होने से बच गई। अगर वह सतर्क नहीं होती, तो उसका बैंक खाता खाली हो सकता था। इस तरह की ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिसमें साइबर अपराधी बिना किसी गोपनीय जानकारी के, मिनटों में लोगों के बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
नया ठगी का तरीका: बिना OTP के ठगी
अब साइबर अपराधी OTP या ATM पिन की भी जरूरत नहीं समझते। वे फर्जी मैसेज भेजते हैं, जिनमें उपहार या छूट का वादा किया जाता है। जैसे ही व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसका बैंक खाता खाली हो जाता है।
इस प्रकार के धोखाधड़ी में अपराधी फोन नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारी चुराने के लिए विभिन्न वेबसाइटों या सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का इस्तेमाल करते हैं। फिर, वे इस जानकारी का उपयोग करके ऐसे संदेश भेजते हैं, जो किसी हालिया खरीदारी या बैंकिंग सेवा से जुड़े होते हैं। अगर व्यक्ति सतर्क नहीं रहता, तो वह आसानी से ठगी का शिकार हो सकता है।
कॉल मर्जिंग स्कैम
अब ठगी के एक नए तरीके का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे ‘कॉल मर्जिंग’ कहते हैं। इसमें अपराधी खुद को किसी प्रतिष्ठित संस्थान या व्यक्ति का प्रतिनिधि बताकर शिकार को कॉल करते हैं। इसके बाद, शिकार को एक और कॉल आती है, जिसे ठग ‘VIP नंबर’ बताकर मर्ज करने को कहते हैं। जैसे ही शिकार कॉल मर्ज करता है, ठग उसका OTP, बैंकिंग कोड, या सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े पासवर्ड सुनकर उनका इस्तेमाल पैसे उड़ाने या अकाउंट हैक करने में कर लेते हैं।
अधिक उन्नत तकनीक से ठगी
साइबर अपराधी अब और भी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे लोगों को APK (एंड्रॉयड एप्लीकेशन पैकेज) या RAT (रिमोट एक्सेस ट्रोजन) फाइलें भेजते हैं। अगर कोई व्यक्ति गलती से इन्हें डाउनलोड कर लेता है, तो उसका पूरा मोबाइल फ्रॉड के हाथ में चला जाता है, और वह व्यक्ति इस ठगी का शिकार हो सकता है।
बचने के तरीके
- अज्ञात नंबरों से आए लिंक पर क्लिक न करें, खासकर जब वे ऑफर, वाउचर या गिफ्ट का वादा करते हों।
- किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
- अगर कोई व्यक्ति कॉल मर्ज करने को कहे, तो उससे सावधान रहें।
- सिर्फ आधिकारिक वेबसाइटों और ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें।
- संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत साइबर सेल में शिकायत करें।
- Image Credit: FreePIk




