आधार बायोमेट्रिक फ्रॉड अलर्ट: SIM बंद कर ठग चुपचाप खाली कर रहे बैंक अकाउंट

डिजिटल पहचान प्रणाली ने आम लोगों की जिंदगी आसान जरूर बनाई है, लेकिन इसके साथ जुड़े जोखिम अब तेजी से सामने आ रहे हैं। हाल के मामलों ने साफ कर दिया है कि आधार से जुड़ा बायोमेट्रिक सिस्टम अब साइबर ठगों का नया हथियार बन चुका है

गुजरात समेत कई राज्यों में सामने आए केस बताते हैं कि ठग फिंगरप्रिंट, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट—तीनों को जोड़कर ऐसा जाल बिछा रहे हैं, जिसमें पीड़ित को लंबे समय तक भनक तक नहीं लगती।

कैसे आधार बायोमेट्रिक का गलत इस्तेमाल हो रहा है

पुलिस और साइबर क्राइम अधिकारियों के अनुसार, अपराधी अब क्लोन किए गए फिंगरप्रिंट डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले यह तरीका राशन दुकानों में सरकारी अनाज की हेराफेरी तक सीमित था, लेकिन अब इसका इस्तेमाल सीधे बैंक खातों से पैसे निकालने में हो रहा है।

कच्छ और खेड़ा जैसे इलाकों में सामने आए मामलों में ठगों ने आधार से जुड़े बैंक खातों से बिना OTP के रकम निकाल ली। क्योंकि इसमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन होता है, पीड़ित को तुरंत कोई अलर्ट नहीं मिलता।

SIM बंद कर बनाया जा रहा सबसे खतरनाक जाल

शहरों में एक और खतरनाक तरीका सामने आया है। अहमदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में ठग पहले पीड़ित की SIM या आधार सेवाएं बंद करवा देते हैं।

SIM बंद होते ही:

  • बैंक के SMS अलर्ट बंद हो जाते हैं
  • OTP नहीं आते
  • ट्रांजैक्शन की जानकारी नहीं मिलती

इसी दौरान ठग खाते से बड़ी रकम निकाल लेते हैं। नडियाद के एक केस में, एक होटल मैनेजर के खाते से 3 लाख रुपये से ज्यादा निकाल लिए गए और उसे तब पता चला जब नुकसान हो चुका था।

क्यों देर से पता चलता है ठगी का

यह फ्रॉड इसलिए खतरनाक है क्योंकि इसमें:

  • पासवर्ड की जरूरत नहीं होती
  • मोबाइल अलर्ट बंद कर दिए जाते हैं
  • आधार-लिंक्ड बैंकिंग का फायदा उठाया जाता है

इस वजह से पढ़े-लिखे और सतर्क लोग भी इसका शिकार बन सकते हैं।

इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

  • अचानक मोबाइल नेटवर्क बंद हो जाना
  • आधार या बैंक सेवाओं का बिना कारण रुकना
  • बैलेंस बदलना लेकिन SMS न आना

ये सभी संकेत किसी बड़े फ्रॉड की चेतावनी हो सकते हैं।

आधार बायोमेट्रिक फ्रॉड से बचने के उपाय

साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस की सलाह:

  • आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट या OTP किसी को न दें
  • आधार और बैंक में वही मोबाइल नंबर लिंक रखें जो आपके पास हो
  • नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट चेक करें
  • UIDAI वेबसाइट से बायोमेट्रिक लॉक करें
  • SIM अचानक बंद हो जाए तो तुरंत टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करें
  • किसी भी संदेह पर बैंक और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत करें

डिजिटल इंडिया के दौर में सुविधा के साथ-साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। आधार बायोमेट्रिक से जुड़ी यह ठगी एक सख्त चेतावनी है कि थोड़ी सी लापरवाही लाखों का नुकसान करा सकती है

जानकारी, सावधानी और तुरंत कार्रवाई—यही इस नए साइबर खतरे से बचने का सबसे मजबूत हथियार है।